जैक मा - अलीबाबा.कॉम की कहानी - Success Story of Jack ma



Real Motivational Story of Alibaba.com - Founder Jack Ma in Hindi
दोस्तों आज की कहानी ऐसे व्यक्ति कि है जो पढ़ाई में तो जीरो थे लेकिन बिजनेस में वो हिरो बनकर उभरे। जिंदगी में कई बार असफलता मिली लेकिन कभी भी हार नहीं मानी पढाई में कई बार फैल हुए। इसके बाद इंटरव्यूह में कई बार फैल हुए लेकिन फिर भी हार नहीं मानी किसी ने नौकरी पर नहीं रखा लेकिन फिर भी हार नहीं मानी और अपना ही बिजनेस कर लिया और खड़ी करदी अपने देश की सबसे बड़ी कंपनी

This Story will inspire to all people. Good Motivation for everyone
Wallpaper Founder of Alibaba.com - Jack Ma
  जैक मा का जन्म 10 सितम्बर, 1964 को चीन के जैजिआंग प्रान्त के एक छोटे से गांव हन्जाउ में हुआ था। उनके माता-पिता गाना गाकर नाचकर अपने घर का खर्च चलाते थे। जैक को शुरूआत से ही अंग्रेजी मे बहुत दिलचस्पी थी। वह शुरू से ही अंग्रेजी सीखना चाहते थे। इसके लिए वे रोज साईकिल से 7 किलोमीटर दुर जाकर एक टुरिस्ट प्लैस पर विदेशी पर्यटकों से अंग्रेजी में बात किया करते थे। हांलाकि उन्हे उस समय इतनी अच्छी अंग्रेजी नहीं आती थी लेकिन धीरे-धीरे उन्होने ने टुरिस्टों के साथ रहकर अंग्रेजी में महारथ हासिल कर ही लिया। जबकि चीन में अंग्रेजी सीखने का उतना ज्यादा महत्व नहीं माना जाता था। उन्होने ये काम लगभग 9 साल तक किया।


इसी समय में कुछ विदेशी लोग जैक के अच्छे दोस्त बने गये एक दोस्त ऐसा भी था जो उन्हे पत्र लिखा करता था। जैक का वास्तविक नाम लिखना काफी कठिन था। इसलिए उनके विदेशी दोस्त ने यह नाम जैक को दिया और उसके बाद उनका यही नाम हो गया।

जैक का पढाई मे मन कम ही लगता था। इसी का कारण है के उन्हे 2 बार चौथी कक्षा 3 बार आठवीं कक्षा में असफलता मिली और वे फैल हो गये। इसके बाद Graduation के Entrance-Exam में भी वे 5 बार फैल हुए लेकिन जैक ने हिम्मत नहीं हारी और 1988 में अंग्रेजी में अपनी डिग्री हासिल कि।


पढाई के बाद उनके करियर की शुरूआत भी काफी निराशाजनक रही। वे पुलिस में जाना चाहते थे लेकिन उनकी कद काठी देखकर उन्हे देखते ही मना कर दिया गया। KFC में नौकरी के लिये गये 23 लोगो की आवष्यकता वाली जगह सिर्फ 24 लोगो ने इंटरव्यूह दिया लेकिन देखिये यहां पर भी सब सफल हुए एक जैक मा को छोड़कर इसके अलावा भी वे कई बार इन्टरव्यूह में फैल हुए।


अंत में जाकर वे एक कॉलेज में अंग्रेजी के लेक्चरर बने। सन 1994 में  जैक को पहली बार इन्टरनेट के बारे में पता चला। और सन् 1995 में जैक को दोस्तो की मदद से अमेरिका जाने का मौका मिला। वहां पर पहली बार जैक ने कम्प्यूटर पर इन्टरनेट देखा। और उन्होने जीवन में पहली बार जो शब्द सर्च किया वो था बियर। लेकिन यह देखकर उन्हे बहुत हैरानी हुई की इस सर्च में उनके देश का कोई नाम नहीं है। अन्य जानकारी सर्च करने पर जैक को पता चला कि उनके देश की कोई भी सामान्य जानकारी इन्टरनेट पर नहीं है। इससे उन्हे बहुत दुख हुआ।


अपने देश वापस लौटने के बाद जैक ने इन्टरनेट पर ही कुछ करने का सौचा। उन्होने अपना पहला कम्प्यूटर खरीदा उस समय उनकी उम्र 33 साल थी। और कुछ ही दिनों बाद जैक उनकी पत्नी और कुछ दोस्तों ने मिलकर 20000 डॉलर इकटठे किये और एक China Yellow Pages नामक वैबसाईट बनाई। यह वैबसाईट देखकर कई लोगो के मेल उनके पास आये जिससे उन्हे इसके महत्व का अंदाजा हो गया। कुछ ही दिनों में इस कंपनी ने 8 लाख डॉलर की कमाई कर डाली लेकिन यह भी उतनी सफल नहीं हुई जितनी उसकी उम्मीद की थी बड़िया आईडिया होने के बावजुद Investor ना मिलने के वजह से यह प्लान फैल हो गया।



जैक ने फिर भी हार नहीं मानी और फिर अलीबाबा.कॉम की शुरूआत की यह चाइना की पहली बिजनेस टू बिजनेस वैबसाईट थी। इस बार जैक उनकी पत्नी और अन्य कई दोस्तो ने इस कंपनी में 2.5 लाख डॉलर का Invest किया। बाकि Invest के लिए जैक ने साफ्ट बैंक की मदद  ली और पैसे की कमी दुर हो गई।


इस बार जैक का प्लान पुरी तरह सफल हुआ और देखते ही देखते यह कंपनी बुलंदियो पर पहुंच गई और इसी का परिणाम है कि सिर्फ 4 साल के अन्दर ही अलीबाबा.कॉम ने दुनिया की सबसे बड़ी E-Commerce साईट Ebay को अपने देश से बाहर कर दिया।



सितम्बर, 2014 में अमेरिकी Stock Exchange के अनुसार अलीबाबा की कुल नेटवर्थ 25 बिलीयन डालर हो गई आज अलीबाबा.कॉम Ebay और Amazon से भी ज्यादा सेल करती है। और इस कंपनी की पहूंच लगभग पुरी दुनिया में है।


अलीबाबा.कॉम की सफलता के लिए जैक को कई सम्मानों से नवाजा गया है। 2008 में जैक का विश्व के सर्वश्रेष्ठ 30 सीईओ की सूची मे चुना गया। 2015 के एशिया के देशों में Entrepreneur of the Year से सम्मानित किया गया।

आज जैक चाइना के सबसे धनी व्यक्तियों में शुमार है। फोबर्स मैग्जीन ने उन्हे विश्व के सबसे धनी व्यक्तियों में 30 वां स्थान दिया है यानि दुनिया के सबसे अमीर लोगों में भी 30वे स्थान पर है।

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