जीत हौसलों से - Usain Bolt Success Story


कहानी ब्रम्हाण्ड के सबसे तेज दौड़ने वाला आदमी की
आज की Motivational Story Hindi एक ऐसे इंसान की है जो बिल्कुल साधारण Family में जन्मा लेकिन अपनी लगन, मेहनत जुनुन और कुछ कर दिखाने के जज्बे के कारण एक असाधारण रिकार्ड कायम कर दिया और रिकार्ड भी ऐसा बनाया जो शायद भविष्य में भी कोई तोड़ पाये। जो पिछले 10 सालों में जब भी दौड़ लगाई है उसकी रफ्तार के आगे कोई भी नहीं टिक सका है और जो Running Track पर चीते की रफतार से दौड़ता है और जब भी दौड़ता है तो एक नया Record बनाता है पिछले 10 सालों में जितने भी Olympic हुए है उनमें से सभी दौड़ में इस खिलाड़ी ने सबकों मात देते हुए हर बार Gold Medal जीता है इसलिए शायद इस व्यक्ति को ब्रम्हाण्ड को सबसे तेज दौड़ने वाला आदमी कहा जाता है।
 
World Wide Winner Usain Bolt Biography In Hindi. World Record Holder Man, Poor to Rich Story
The Golden Man Usain bolt Story in Hindi
उसैन बोल्ट का जन्म 21 अगस्त, 1986 गाँव था शेरवुड कंटेट जमैका में हुआ था। यह वेस्टइंडीज का एक द्वीप है। जमैका इससे पहले Cricket के तुफानी बल्लेबाज Chris Gayle का जन्म स्थान भी है। बोल्ट के इस गांव में शहरों जितनी सुविधाए नहीं थी वहां पर तो Road पर Lights थी और ना ही पीने के लिए हर घर में पानी की सुविधा। लेकिन फिर भी उसैन बोल्ट ने अपनी मेहनत और जुनुन के दम पर इतना बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। बोल्ट के पिता वेलेस्लिी और माता जैनिफर है। जो अपने परिवार को चलाने के लिए गाँव में एक किराने की दुकान चलाते थे। बोल्ट बचपन में अकसर अपने भाई के साथ Cricket और Football खेलते थे। और वहीं से उनको खेलों का शौक लगा और उनका Cricket भी बहुत अच्छा था। वे कई बार कह भी चुके है कि अगर वे एक Runner नहीं होते तो एक Fast Bowler होते। बोल्ट ने अपनी पढाई अपने पास के एक सरकारी स्कूल से पुरी की है। एक बार Cricket खेलते समय जब बोल्ट की दौड़ को देखकर उनके Coach ने उन्हे Runner बनने की सलाह ही। बोल्ट ने भी Coach की सलाह मान ली

उसके बाद बोल्ट ने दोड़ने की Training मैक्ननल ली। इसके लिए बोल्ट ने काफी मेहनत की। बोल्ट को पहली सफलता स्कूली स्तर पर मिली पहली बार दोड़े बोल्ट ने सभी को हराकर पहली बार सफलता हासिल की। इसके बाद वे लगातार मेहनत करते रहे और कैरैबियन Running में हिस्सा लिया और वे यहां भी चैम्पियन बने। वर्ष 2002 World Junior Championship में उन्होने 3 पदक जीते जिसमें एक Gold Medal भी था।

लेकिन इन सफलताओं के बाद एक समय ऐसा भी आया जहां बोल्ट को बुरे अनुभव देखने पड़े यह शायद बोल्ट के Career का सबसे खराब समय था। बात 2004 के Olympic की है। जिसमें धुटनों में नस के खिचाव के कारण बोल्ट एक भी Race नही जित सके और उन्हे निराशा का सामना करना पड़ा।

लेकिन बोल्ट ने यहां हार नहीं मानी बोल्ट ने अपने आप का संभालते हुए उसी समय से 2008 Olympic की तैयारी चालु कर दी और वो कहते है ना कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

2008 Olympic में बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर की दौड़ में सारे Gold अपने नाम कर लिए साथ ही एक नया Record भी बना दिया।

इसके बाद तो बोल्ट ने शायद ना हारने की ठान ली थी और 2008 के बाद जो भी Olympic हुए उनमें बोल्ट ने हर बार 100 मीटर और 200 मीटर में हर बार Gold Medal अपने नाम किया है। यह एक ऐसा Record है जो शायद ही कोई तोड़ पायेगा।

बोल्ट ने अब तक कुल 8 Gold अपने नाम किए हैं। लेकिन बदकिस्मती से इनमें से एक Gold अब उनका नहीं रहा है। 2008 Olympic के दौरान उनके साथ कार्टर का डापिंग टेस्ट Fail हो गया है। जिसके कारण यह एक Medal कम हो गया है।
दौड़ के साथ-साथ उन्हे Cricket और Football के भी शौकिन है। वे कई बार कह चुके है कि अगर वे एक Runner नहीं होते तो एक Fast Bowler होते वे पाकिस्तान के Fast Bowler वकार युनूस से काफी प्रभावित है।

तो देखा दोस्तों कैसे एक गरीब Family में जन्मे लड़के ने भी अपनी कठिन मेहनत और जुनुन के दम पर पूरे World में अपना नाम Golden Words में लिखवा दिया है। आज बोल्ट बहुत से लोगों के लिए Inspiration बने हुए है लेकिन बोल्ट ने यह Success हासिल करने के लिए काफी मेहनत की जो हर किसी के बस की बात नहीं है।


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कहानी पढ़ने  के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद......

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