Anish Bhanwala - 15 Years Boy Win Gold Medal


दसवीं के लड़के ने जीता गोल्ड मेडल

आज की कहानी एक ऐसे लड़के की है जिसने इतनी सी कम उम्र में ही गोल्ड मेडल जितकर सिर्फ देश का नाम रोशन किया है बल्कि कई Records भी अपने नाम किए है। एक समय में उधार की पिस्टल लेकर Practice करने वाले लड़के ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर Gold Medal जीतकर अपने परिवार के द्वारा किये गये त्याग और मेहनत को सही साबित कर दिया है वो भी मात्र 15 वर्ष की उम्र में, सही है आपकी सफलता में उम्र कोई ज्यादा मायने नहीं रखती है।

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Anish Bhanwala - 15 Years Boy Win Gold Medal
 अनीस भनवाला का जन्म 20 सितम्बर, 2002 को कसहांडी में हुआ जो हरियाणा राज्य के सोनीपत क्षेत्र में है। उनके पिता जगपाल भनवाल एक Advocate है और उनकी माता एक हाउसवाईफ है। अनीस की एक बहन भी है जो अनीस की तरह ही Shooting Champion है। अब तक अनीस और अनीस की बहन ने काफी Medals जीते हैं।

Shooting एक महंगा खेल है और अनिस एक सामान्य परिवार से आते हैं। इसके अलावा Shooting के इस खेल में उनके परिवार को काई ताल्लुक नहीं था। यानि वे इस खेल में नये थे। इन सबके बावजूद पिता ने अपने बेटे के सपने पूरे करने के लिए हरियाणा से दिल्ली Shift हुए, ताकि अनीस को बड़िया Coaching और सुविधाऐं मिल सके। अनिस ने भी अपने Passion को नहीं छोड़ा और अपनी मेहनत और लगन के दम पर अपनी जिंदगी में वो सफलता हासिल कि जो हर किसी के लिए सपना होता है। एक समय ऐसा था जब पिता ने Shooting के लिए पिस्टल उधार लेकर अनीस को Practice में भेजा था और आज वे उसी उधार कि पिस्टल के दम पर Champion बने हुए है।

जब अनीस 7 साल के थे तो तभी शूटिंग का शौक लगा। तब से लेकर आज तक अनीस ने अपने इस जुनुन को अपनी मेहनत और लगन के दम पर पुरा किया है चाहे Problems कुछ भी आई हो अनीस ने हिम्मत नहीं हारी है।

सबसे पहले वर्ष 2013 में अनीस को अंडर-12 में भारतीय टीम की ओर से भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला इसके बाद 2015 में आयोजित Tournament में भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। 2017 में अनीस ने ISSF Junior Championships, सुहल में दो दो रजत पदक और एक कास्य पदक जीतकर अपने सफल Career की शुरूआत की। इसके बाद 2017 में ही आयोजित राष्ट्रमण्डल Championship, सीडनी में भी रजत पदक जीता जो 25 मीटर रेपिड फायर पिस्टल का था।

इसके बाद से ही अनीस 2018 कामनवेल्थ खेलों की तैयारी में लग गये। लेकिन वहां भी अनीस को खेल के साथ-साथ कई मुश्किलें देखनी पड़ी। दरअसल Sent Theresa Convent School में पढने वाले अनीस के बोर्ड के Exam भी कामनवेल्थ खेलों के बीच ही थी। इसी कारण उन्हे पढाई और खेल में से किसी एक को चुनने का फैसला करना पड़ा। अनीस ने खेल को चुना। लेकिन बाद में CBSE ने भी अनीस को अपने बाकी बचे Exams कामनवेल्थ खेल के बाद देने की छूट दे दी।

और तब से लेकर प्रतियोगिता शुरू होने तक अनीस काफी मेहनत की और उस मेहनत का परिणाम भी निकला और अनीस ने 25 मीटर रेपिड फायर पिस्टल में भारत को Gold Medal दिलवाकर India का नाम सुनहरें शब्दों में लिख दिया और साथ ही भारत की और से सबसे कम उम्र में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत के मनु भाकर ने 16 वर्ष की उम्र में Gold Medal जीता था। मनु का रिकार्ड अब करनाल के अनीस ने तोड़ दिया है।

इससे पूर्व 2017 की Commonwealth Championship में Olympic खिलाड़ी गुरप्रीत को हराकर Selver Medal जीता था। इसके बाद Junior World Championship में अनीस ने 579 Shots के साथ Gold Medal जीता और साथ ही World Record भी अपने नाम किया।

एक Interview के दौरान अनीस ने कहा है कि Students को पढाई के साथ-साथ Sports पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे यदि वे किसी खेल को आगे और बेहतर करते है तो वे इस खेल को ही Career के रूप् में चुन सकते है और अपना देश का नाम उचां कर सकते हैं।

पुरस्कार सम्मान 2018 में अनीस को Mahindra Scorpio Toyota की और से Emerging Player of The Year, का सम्मान प्राप्त हुआ।

तो देखा दोस्तों कक्षा 10 में पढने वाले लड़के ने अपने मेहनत और जुनुन के दम पर हर बाधा को पार करते हुए पढाई के साथ-साथ Sports को भी समय देते हुए Success हासिल कि और अपने देश के साथ-साथ अपनी Family का नाम भी उंचा किया। आप भी अनीस की इस सफलता से सीख लेकर, अपने जीवन में सफल हो सकते हैं।

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